विराट-अनुष्का को क्यों सुनाई रावण के मरने के बाद की कहानी? प्रेमानंद महाराज ने बताई वजह

क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा एक बार फिर प्रेमानंद महाराज जी से मिलने मथुरा पहुंचे. दोनों ने प्रेमानंद महाराज के प्रवचन हाथ जोड़कर सुने. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. प्रेमानंद महाराज ने प्रवचन में रावण की मौत के बाद की कहानी सुनाते हुए बताया कि अहंकार में कैसे उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी. साथ ही उन्होंने कहा कि हमें सुख और दुख नहीं, बल्कि भगवान को प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए.
रावण की मौत के बाद की कहानी
हनुमान जी रावण से बोले कि देख तेरे पास सब कुछ है. लेकिन विवेक नहीं है. जिनके द्वारा तुझे सबकुछ मिला है, उन्हीं की पत्नी का अपहरण करके तू सुख चाहता है? हजारों शंकर, हजारों विष्णु मिल जाएं तो भी तुझे भगवान राम से द्रोह करने के कारण तेरी रक्षा कोई नहीं कर पाएंगे. रावण की जब मौत हुई तो मंदोदरी ने कहा- मैंने देखा है कि जब तू चलता था तो बड़े-बड़े दिग्गज कांप जाते थे. आज उसी रावण के सिर को बंदर लात मार रहे हैं. ये हालत तेरी भगवान से विमुख होने के कारण हुई.
हम सब उस नीले आकाश के बच्चे हैं. हमने आपका हाथ पकड़ा, हमारा किसी और ने हाथ पकड़ा. फिर किसी और का आगे किसी और ने हाथ पकड़ा. इसी करह ईष्ट, आचार्य, गुरुदेव के बल से हम भगवान तक जा रहे हैं.
‘भगवान की प्राप्ति का प्रयास करें’
सुख और दुख के लिए आपको प्रयास नहीं करना है. प्रयास करना है तो बस भगवान की प्राप्ति के लिए. ठाकुर जी कहते हैं- जो मेरा अनन्य चिंतन करता है, उसके योग और क्षेम का वहन मैं खुद करता हूं. योग का तात्पर्य होता है, कि जो हमें प्राप्त नहीं है उसे प्राप्त करना. और जो प्राप्त है, उसकी रक्षा करने का नाम क्षेम है. वो सच्चिदानंद है, वो जो बोलता है वो करता भी है. मेरा काम है बस उसका चिंतन करना और उसका काम है व्यवस्था करना. हमें अगर कुछ प्राप्त नहीं होता तो इसका मतलब है, हम अहंकार से अपना पोषण कर रहे हैं. भगवान से नहीं. तो उतना ही मिलेगा जितना आप कर रहे हो.
प्रेमानंद महाराज से चौथी मुलाकात
ये विराट-अनुष्का की प्रेमानंद महाराज से चौथी मुलाकात थी. इससे पहले विराट और अनुष्का मई महीने में भी प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे. उस वक्त वो तीन घंटे आश्रम में रुके थे. जबकि 15 मिनट तक उन्होंने प्रेमानंद महाराज से एकांत वार्तालाप किया था.




