राष्ट्रीय

मानव अधिकार दिवस पर तिहाड़ जेल में कैदियों से संवाद किया

नई दिल्ली (ब्यूरो): मानव अधिकार दिवस के अवसर पर, राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण ने तिहाड़ जेल, दिल्ली का औपचारिक दौरा किया, ताकि कैदियों के लिए कानूनी सहायता सेवाओं और कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा की जा सके। इस दौरे का नेतृत्व संजीव पांडे, सदस्य सचिव और राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के निदेशक कुणाल वेपा ने किया। इसके साथ कुमार राहुल, सचिव नई दिल्ली जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण और तिहाड़ जेल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
दौरे के दौरान टीम ने कानूनी सहायता क्लीनिक, बैरक, रसोई और चिकित्सा वार्ड का
निरीक्षण किया और अंडरट्रायल कैदी, सजायाफ्ता बंदी, पैरा लीगल वॉलंटियर्स और जेल विजिटिंग एडवोकेट्स से बातचीत की, ताकि न्याय प्राप्त करने में आने वाली समस्याओं को समझा जा सके। अंडरट्रायल कैदियों के अधिकारों पर एक सत्र भी आयोजित किया गया। इसके अलावा, सदस्य सचिव ने कैदियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी शिकायतें सुनी और उनका समाधान किया। सदस्य सचिव ने कहा कि किसी भी कैदी को गरीबी, अशिक्षा या जानकारी की कमी के कारण कानूनी सहायता से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने जेल प्रशासन, कानूनी सेवा संस्थानों, वॉलंटियर्स और नागरिक समाज के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि समान और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किया जा सके। दौरे का समापन कानूनी साक्षरता बढ़ाने, अथवा बंदियों को प्रदान की जाने वाली विधिक सहायता शीघ्रातिशीघ्र उन्हें मुहैया कराने पर चर्चा हुई मजबूत करने पर चर्चा के साथ हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने कैदियों की शिकायतों का समाधान करने और न्याय तक समान पहुँच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
फोटो संख्या 10 बीडब्ल्यूएन 14
जेल विजिटिंग के दौरान कर्मचारियों से जानकारी हासिल करते हुए संजीव पांडे, सदस्य सचिव और राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के निदेशक कुणाल वेपा।

Related Articles

Back to top button